हिंदी माध्यम के छात्र जरूर करें ये काम:  संस्कृति IAS Coaching के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अखिल मूर्ति सर

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हिंदी माध्यम से UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के मन में अनेक प्रश्न होते हैं; जैसे तैयारी की शुरुआत कैसे करें, किन गलतियों से बचें, प्रभावी तैयारी के लिए उचित रणनीति क्या हो आदि। इस तरह के अनेक प्रश्नों के जबाव जानेंगे देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान संस्कृति IAS कोचिंग के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अखिल मूर्ति सर से।

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सर पूरे भारत में सिविल सेवा की दृष्टि से इतिहास विषय के सर्वश्रेष्ठ अध्यापक हैं। आपको बता दें कि सर के मार्गदर्शन में हजारों अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की है। वर्तमान में सर संस्कृति IAS Coaching में पढ़ा रहे हैं, जिसके मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं। यह संस्था दिल्ली के मुख़र्जीनगर से संचालित हो रही है, जिसकी एक शाखा प्रयागराज में भी है।

सर से प्रश्न था कि हिंदी माध्यम से UPSC की तैयारी की चाह रखने वाले अभ्यर्थी अपनी तैयारी की शुरुआत कैसे करें?

हिंदी माध्यम के अभ्यर्थी परीक्षा उत्तीर्ण  करने के विश्वास से अपनी तैयारी को आरम्भ करें। आरम्भ से ही तैयारी को कुशल मार्गदर्शन में पूरा करें। तैयारी के क्रम में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें; जैसे-

  • विश्वसनीय कोचिंग का चयन करें
  • प्रामाणिक अध्ययन सामग्री ही चुनें
  • पाठ्यक्रम एवं परीक्षा में पूछे प्रश्नों से तैयारी को दिशा देते रहें
  • पढ़ने की आदत डालें
  • रिवीजन करना न भूलें
  • प्रश्नों का अभ्यास करें
  • उत्तर लिखने का अभ्यास करें
  • अध्ययन में निरंतरता बनाए रखें; आदि

सर से अगला प्रश्न था कि UPSC की परीक्षा में भाषा क्या महत्त्व रखती है?

सर कहते हैं भाषा ज्ञान की अभिव्यक्ति का माध्यम है। UPSC ज्ञान की जाँच दो भाषाओं (हिन्दी एवं अंग्रेजी) के माध्यम से करता है। इस बात का असर न के बराबर पड़ता है कि अभ्यर्थी किस माध्यम से परीक्षा दे रहा है। प्रायः ऐसा देखा गया है कि हिंदी माध्यम के अभ्यर्थी तुलनात्मक रूप से भाषा के स्तर पर कम काम करते हैं। जिन अभ्यर्थियों की भाषा पर पकड़ अच्छी है; वे ज्ञान के स्तर पर कार्य करके सफल हो जाते हैं। हिन्दी माध्यम के अभ्यर्थियों को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए; जैसे-

  • लिखावट स्पष्ट हो
  • वाक्य-विन्यास कसा हुआ हो
  • भाषा प्रवाह अच्छा हो
  • आसान एवं पारिभाषिक शब्दावलियों का प्रयोग करें
  • लेखन गति तीव्र करने का अभ्यास करें; आदि

उक्त बिंदु अभ्यास से संभव हैं। इन बिन्दुओं पर कार्य करने के लिए कुछ समय अवश्य निकालें। अध्ययन के प्रत्येक क्षण में ऐसे सुधारों के लिए प्रयासरत रहें।

आशा की जाती है कि सर द्वारा दी गई जानकारी निश्चित रूप से आपकी सफलता की राह आसान करेगी। आपको जानकारी के लिए बता दूँ कि उक्त सुझाए गए सभी टिप्स को संस्कृति IAS कोचिंग के कक्षा कार्यक्रम में शामिल किया गया है। यदि कोई उचित मार्गदर्शन में अपनी तैयारी को पूरा करना चाहता है। संस्कृति IAS कोचिंग से जुड़ सकता है।

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