भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कब बनेगी बात? वाशिंगटन से आया बड़ा अपडेट, अभी बाकी हैं कई पेंच

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भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर कई महीनों से बातचीत चल रही है. इस बातचीत पर अंतिम सहमति का इंतजार अभी भी जारी है और ये इंतजार और लंबा हो सकता है. 1 अक्टूबर को अमेरिका की तरफ से इसकी जानकारी दी गई. अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा कि भारत के साथ ट्रेड डील पर बातचीत अभी भी जारी है और इसके तुरंत फाइनल होने की उम्मीद भी नहीं है.

हालांकि, दोनों पक्ष अहम मतभेदों को सुलझाने के लिए बातचीत कर रहे हैं. अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने कहा कि वॉशिंगटन, भारत के साथ मिलकर एक द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट को पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है. उन्होंने बताया कि इस हफ्ते मिल्वौकी में हुई G20 ट्रेड मिनिस्टर्स की बैठक के दौरान वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ उनकी “बहुत सकारात्मक बातचीत” हुई.

‘जिन मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही उनकी हुई पहचान’

ग्रीर ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि कोई फैसला तुरंत होने वाला है, लेकिन हमने उन मुद्दों की पहचान कर ली है जिन पर सहमति नहीं बन पा रही है. हम उन्हें सुलझाने के लिए पूरी लगन से काम कर रहे हैं.” आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को फोन पर बातचीत की. साथ ही भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई. प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और अहम टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की.

नेताओं ने कहा कि भारत और अमेरिका की दोस्ती को और मजबूत बनाएंगे और साथ मिलकर काम करते रहेंगे. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अमेरिका में हैं. वे दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते और अस्थायी समझौते पर बात करने गए हैं. अभी भी कुछ बड़े मुद्दों पर असहमति बनी हुई है.

भारत और अमेरिका कई महीनों से व्यापार समझौते की बात कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया है. इस यात्रा में पीयूष गोयल ने अमेरिकी व्यापारिक नेताओं और अधिकारियों से मुलाकात की. उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनियों के लोगों से भी बात की. बातचीत में मुख्य मतभेद बाजार में पहुंच और टैरिफ को लेकर हैं. भारत ने रूसी तेल खरीदने से जुड़े नए अमेरिकी शुल्कों पर भी चिंता जताई है.

 

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