
पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान (पीएमजीएस-एनएमपी) एक नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर मैपिंग प्लेटफॉर्म से धीरे-धीरे विकसित होकर एक व्यापक नियोजन ढांचे (कंप्रिहेंसिव प्लानिंग फ्रेमवर्क) के रूप में उभरा है. यह जीआईएस आधारित मंच के माध्यम से विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों और बुनियादी ढांचा नेटवर्कों को एक साथ जोड़ता है, ताकि एकीकृत योजनाएं बनाने और परियोजनाओं के समन्वय में मदद मिल सके. वर्तमान में इसके दायरे में 58 केंद्रीय मंत्रालय और विभाग तथा सभी 36 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं.
विकसित भारत के इंजन के रूप में इंफ्रास्ट्रक्चर
भारत बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है, जिसके लिए विभिन्न क्षेत्रों और परिवहन के साधनों के बीच कोऑर्डिनेशन आवश्यक है. सड़कें, रेलवे, बंदरगाह, हवाई अड्डे, जलमार्ग और उपयोगिता सेवाओं के नेटवर्क अक्सर एक क्षेत्र में एक-दूसरे से जुड़ते हैं. इन नेटवर्कों की एक साथ योजना बनाने से लागत और समय की बचत करने, परियोजनाओं के बीच कोऑर्डिनेशन स्थापित करने तथा मौजूदा बुनियादी ढांचे का अधिक कुशलतापूर्वक उपयोग करने में मदद मिल सकती है. इसी के चलते विभिन्न बुनियादी ढांचा नेटवर्कों को एक कंप्रिहेंसिव प्लानिंग फ्रेमवर्क में एकीकृत करने की पहल की गई.
इस जरुरत को पूरा करने के लिए 13 अक्टूबर 2021 को पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की शुरुआत की गई. इसके तहत विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आंकड़ों को एक साझा भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) आधारित प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया. पीएम गतिशक्ति योजनाकारों को बुनियादी ढांचा, भौगोलिक विशेषताओं, आर्थिक क्षेत्रों और अन्य संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़ों को एक साथ देखने में मदद करता है.
क्या है पीएम गतिशक्ति?
पीएम गतिशक्ति के मार्गदर्शन के लिए छह सिद्धांत निर्धारित किए गए हैं, जिनका मकसद इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग को अधिक एकीकृत, कुशल और समन्वित बनाना है. इनमें एकीकृत विकास, मल्टीमॉडल बुनियादी ढांचा, अंतिम छोर तक संपर्क की सुविधा, भूमि अधिग्रहण में तेजी, मंजूरियों की संख्या में कमी और पारिस्थितिक प्रभाव को कम करना शामिल है.
पीएम गतिशक्ति की प्रमुख विशेषताएं
- पीएम गतिशक्ति में विभिन्न मंत्रालयों और राज्य सरकारों की बुनियादी ढांचा योजनाओं को शामिल किया गया है, जैसे भारतमाला, सागरमाला, अंतर्देशीय जलमार्ग, ड्राई/लैंड पोर्ट और उड़ान.
- सड़कें, रेलवे, बंदरगाह, जलमार्ग, हवाई अड्डे, सार्वजनिक परिवहन और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर इस योजना के प्रमुख क्षेत्र हैं.
- नेशनल मास्टर प्लान में 58 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों तथा सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है.
- नेशनल मास्टर प्लान के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर और भू-स्थानिक (जिओ स्पाटिकल) जानकारी को एक साझा जीआईएस आधारित मंच पर एकत्रित किया गया है, जिससे जिओ स्पाटिकल और निर्णय लेने की प्रक्रिया को सहायता मिलती है.
- पीएम गतिशक्ति पब्लिक प्लेटफॉर्म 230 अनुमोदित डेटासेट तक पहुंच प्रदान करता है.
- 12 अक्टूबर 2026 तक 23,493 से अधिक डेटा लेयर्स के माध्यम से बुनियादी ढांचा और अन्य प्रासंगिक जानकारी को साझा जीआईएस आधारित प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है.
इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट प्लानिंग को मजबूत बनाना
पीएम गतिशक्ति के पूरक के रूप में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एवं लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (आईटीएलए) की स्थापना को मंजूरी दी है. आईटीएलए 10 साल या उससे अधिक की प्लानिंग अवधि को ध्यान में रखते हुए नेशनल ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान तैयार करेगा.
कैसे काम करती है गतिशक्ति?
- अधिकार प्राप्त सचिवों का समूह (Empowered Group of Secretaries): कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में यह समूह पीएम गतिशक्ति के कार्यान्वयन की निगरानी करता है तथा मास्टर प्लान में बदलावों की समीक्षा, उन पर विचार और उन्हें मंजूरी प्रदान करता है.
- नेटवर्क नियोजन समूह (एनपीजी): यह समूह बुनियादी ढांचा मंत्रालयों और विभागों के नेटवर्क प्लानिंग प्रभागों के प्रमुखों को एक साथ लाता है.
- तकनीकी सहायता इकाई (टीएसयू): इस यूनिट में विभिन्न क्षेत्रों और विषयों के विशेषज्ञ शामिल होते हैं, जो मूल्यांकन प्रक्रिया में सहयोग प्रदान करते हैं.
- 11 अगस्त 2026 तक, नेटवर्क नियोजन समूह (एनपीजी) ने लगभग 18.66 लाख करोड़ रुपए की कुल अनुमानित लागत वाली 396 इंप्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन किया था. इनमें से 256 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी थी, जिनमें से 198 प्रोजेक्ट्स कार्यान्वयन के चरण में थीं.
गतिशक्ति विश्वविद्यालय
गतिशक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों पर विशेष रूप से केंद्रित अपनी तरह का पहला विश्वविद्यालय है. साल 2022 में स्थापित यह विश्वविद्यालय परिवहन से संबंधित विभिन्न विषयों में शिक्षा, कार्यकारी प्रशिक्षण और अनुसंधान को एक साथ जोड़ता है. जुलाई 2026 तक, विश्वविद्यालय ने पीएम गतिशक्ति के लिए तैयार किए गए पाठ्यक्रमों के माध्यम से 2.4 लाख से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया था.
इंप्रास्ट्रक्चर नोड्स की मैपिंग
पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) में मल्टीमॉडल संपर्क बुनियादी ढांचे के साथ आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों का मैपिंग किया जाता है.
लॉजिस्टिक्स सिस्टम्स को जोड़ना
इंटिग्रेटेड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूएलआईपी) सरकारी लॉजिस्टिक्स प्रणालियों के एपीआई-आधारित एकीकरण को सक्षम बनाता है, जबकि लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक (एलडीबी) आयात-निर्यात (एक्जिम) कंटेनरों की आवाजाही की वास्तविक समय में निगरानी की सुविधा प्रदान करता है. ये दोनों मिलकर लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम में डिजिटल सूचना के आदान-प्रदान और पारदर्शिता को मजबूती प्रदान करते हैं. जुलाई 2026 तक, यूएलआईपी ने 142 एपीआई के माध्यम से 12 केंद्रीय मंत्रालयों की 46 सरकारी प्रणालियों को एकीकृत किया.
डेटा से निगरानी तक
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म परियोजनाओं की प्रगति पर नज़र रखने और बुनियादी ढांचा संबंधी डेटा में सुधार करने में भी सहायता करता है. पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान डैशबोर्ड विभिन्न क्षेत्रों की प्रगति पर नज़र रखने और उपयोगी निष्कर्ष प्राप्त करने के लिए रिपोर्टिंग की सुविधा प्रदान करता है.
पीएम गतिशक्ति : काम जारी
- पुणेबेंगलुरु एक्सप्रेसवे (699 किलोमीटर लंबा)
- जोगीघोपा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, असम
- हरित ऊर्जा गलियारा: लद्दाखहरियाणा
बुनियादी ढांचे के भविष्य का निर्माण
अपनी शुरुआत के बाद पांच वर्षों में, पीएम गतिशक्ति एक राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा नियोजन पहल से विकसित होकर एक व्यापक डिजिटल नियोजन इकोसिस्टम बन गया है.










