UP Politics: आजम खान ने अखिलेश यादव के सामने रखी CM पद की शर्त? ओम प्रकाश राजभर का बड़ा दावा

UP Politics

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात को लेकर बड़ा दावा किया है। राजभर का कहना है कि आजम खान ने अखिलेश यादव के सामने मुख्यमंत्री पद को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर दोनों के बीच सहमति नहीं बनी, तो आजम खान सपा छोड़कर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM में जा सकते हैं।

UP Politics: राजभर का दावा- अखिलेश और आजम के बीच नहीं बनी बात

ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया और अपने बयानों के जरिए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, “कैसी रही आजम चचा से मुलाकात?” राजभर के मुताबिक, आजम खान चाहते हैं कि अखिलेश यादव उन्हें या किसी दूसरे मुस्लिम नेता को उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करें। राजभर ने कहा कि आजम खान की मांग है कि उन्हें केवल पार्टी में जगह देने के बजाय सरकार में भी बड़ी जिम्मेदारी दी जाए।

राजभर ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के मुस्लिम मतदाताओं ने कई बार समाजवादी पार्टी का समर्थन किया है। ऐसे में अब अखिलेश यादव को भी मुस्लिम नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी देने के बारे में सोचना चाहिए। राजभर का दावा है कि मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर अखिलेश यादव और आजम खान के बीच सहमति नहीं बन पाई है।

https://x.com/oprajbhar/status/2113459188018077849?s=20

क्या सपा छोड़कर AIMIM में जा सकते हैं आजम खान?

ओम प्रकाश राजभर ने आजम खान के अगले राजनीतिक कदम को लेकर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि चर्चा है कि आजम खान अब समाजवादी पार्टी की साइकिल छोड़कर ओवैसी की पार्टी का पतंग वाला चुनाव चिह्न अपना सकते हैं। दरअसल, AIMIM का चुनाव चिह्न पतंग है। राजभर के बयान का मतलब है कि अगर आजम खान की सपा में नहीं बनी, तो वह असदुद्दीन ओवैसी के साथ जा सकते हैं। हालांकि, आजम खान के AIMIM में शामिल होने को लेकर कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। फिलहाल यह राजभर का दावा और राजनीतिक अटकल है।

ओवैसी पहले भी समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाते रहे हैं कि मुश्किल समय में पार्टी ने आजम खान का साथ नहीं दिया। ऐसे में आजम खान को लेकर चल रही यह चर्चा उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना की ओर इशारा करती है। (UP Politics)

मुस्लिम वोट और हिस्सेदारी को लेकर अखिलेश पर निशाना

ओम प्रकाश राजभर ने मुस्लिम समाज को लेकर भी समाजवादी पार्टी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें मुस्लिमों के सपा के लिए प्रचार करने और पार्टी के कार्यक्रमों में दरी बिछाने को लेकर सवाल उठाए गए थे। राजभर का आरोप है कि समाजवादी पार्टी चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन तो लेती है, लेकिन सत्ता में उन्हें उतनी बड़ी जिम्मेदारी नहीं देती। उन्होंने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि अगर सपा मुस्लिम समाज को उचित हिस्सेदारी देना चाहती है, तो उसे आगामी चुनाव से पहले किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करना चाहिए।

2027 के चुनाव से पहले क्यों अहम है यह बयान?

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल अपने समर्थन को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में आजम खान, अखिलेश यादव और असदुद्दीन ओवैसी को लेकर दिए गए राजभर के बयान को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। समाजवादी पार्टी को पारंपरिक रूप से मुस्लिम और यादव मतदाताओं का समर्थन मिलता रहा है। ऐसे में अगर मुस्लिम मतदाताओं के बीच सपा के समर्थन में कमी आती है, तो इसका असर चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है। अगर आजम खान और सपा के बीच मतभेद बढ़ते हैं, तो AIMIM को मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी जगह मजबूत करने का मौका मिल सकता है। हालांकि, इसका चुनाव पर क्या असर होगा, यह अभी कहना जल्दबाजी होगी। (UP Politics)

आजम खान और शिवपाल यादव को लेकर भी राजभर का तंज

राजभर ने अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात को लेकर एक और तंज कसा। उन्होंने इशारा किया कि अखिलेश यादव को आशंका हो सकती है कि आजम खान और शिवपाल यादव मिलकर कोई नया राजनीतिक समीकरण न बना लें। राजभर के अनुसार, इसी वजह से अखिलेश यादव आजम खान से मुलाकात करने पहुंचे थे। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

सपा ने राजभर के दावों को बताया चुनावी स्टंट

राजभर के इन बयानों पर समाजवादी पार्टी की ओर से उन्हें चुनावी स्टंट बताया गया है। इस तरह दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। फिलहाल, आजम खान की ओर से मुख्यमंत्री पद की मांग करने या AIMIM में शामिल होने को लेकर किसी आधिकारिक फैसले की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह देखना होगा कि आने वाले समय में अखिलेश यादव, आजम खान और असदुद्दीन ओवैसी की ओर से क्या रुख अपनाया जाता है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन और राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर बहस तेज हो सकती है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर होने वाली गतिविधियों पर सभी की नजर रहेगी। (UP Politics)

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz4 Ai