
दिल्ली में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए हैं और सभी अहम जगहों पर सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है. थाना प्रभारी, एसीपी और डीसीपी को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और हजरतगंज, विधानसभा, जन भवन और लोक भवन के आसपास पुलिस बल को तैनात किया गया है. इसके अलावा रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी पुलिस चेकिंग कर रही है.
जॉइंट पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) बबलू कुमार ने कहा कि हमारी लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) टीम और स्थानीय पुलिस मिलकर इससे जुड़ी जानकारी इकट्ठा कर रही हैं. साथ ही सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर रखी जा रही है और फील्ड ऑफिसर मिली किसी भी जानकारी पर कार्रवाई कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि हमारा मकसद यह पक्का करना है कि लखनऊ जिले में कोई अप्रिय घटना, गुंडागर्दी, गड़बड़ी या कानून-व्यवस्था में कोई रुकावट न आए. हमारी फोर्स को सभी अहम जगहों पर तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह की संभावित स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
‘चुनाव आयोग के खिलाफ हैं विपक्ष की मांगें’
वहीं, यूपी के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने प्रदर्शन को लेकर कहा कि CJP की मांगें चुनाव आयोग के खिलाफ हैं और कांग्रेस व समाजवादी पार्टी भी यही मांगें कर रही हैं. हर कोई देख सकता है कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल PM मोदी को निशाना बनाने के लिए सीजेपी का इस्तेमाल कर रहे हैं. हालांकि, केंद्र और दिल्ली की सरकारें सतर्क हैं और दिल्ली व देश के लोगों का हित सबसे ऊपर है.
उन्होंने कहा कि किसी भी असामाजिक तत्व को शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी. सरकार चुनाव आयोग के नाम पर हो रहे इस विरोध-प्रदर्शन को रोकने के लिए कार्रवाई करेगी, जिससे देश के लोगों को परेशानी हो रही है.
संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश का आरोप
इस विरोध प्रदर्शन को लेकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा, ‘वो बार-बार भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाते हैं और उन्हें कमजोर करने की कोशिश करते हैं. आज वो जिस मुद्दे पर विरोध कर रहे हैं, वह पहली बार नहीं हो रहा है. भारत में पहले भी आठ बार SIR हो चुका है और यह वोटर लिस्ट को शुद्ध करने की एक प्रक्रिया है’.










