
भारतीय क्रिकेट टीम ने दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए आखिरी टी20 मुकाबले में एकतरफा जीत दर्ज करते हुए तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया. मैदान पर बल्ले और गेंद से अफगानिस्तान को पूरी तरह पस्त करने के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कुछ ऐसा किया, जिसने करोड़ों खेल फैंस का दिल जीत लिया. अय्यर ने साबित कर दिया कि फ्रेंडशिप कप का असली मकसद सिर्फ मुकाबले जीतना नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और खेल भावना को बढ़ावा देना है.
मैच के बाद दिखी असली खेल भावना
दरअसल, पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी के दौरान जब टीम इंडिया को ट्रॉफी सौंपी गई, तब अय्यर ने अफगान कप्तान इब्राहिम जादरान को बुलाया और उन्हें भारतीय टीम के साथ ट्रॉफी शेयर करने को कहा. इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों के बीच खड़े होकर अफगानिस्तान के कप्तान ने भी ट्रॉफी के साथ पोज दिया. खेल के मैदान पर राइवलरी को पीछे छोड़ते हुए यह नजारा भाईचारे की मिसाल बन गया. विरोधी टीम को पूरी सीरीज में रौंदने के बावजूद विरोधी कप्तान को इस तरह अपने जश्न का हिस्सा बनाना इंटरनेशनल क्रिकेट के सबसे खूबसूरत पलों में दर्ज हो गया.
कमेंट्री बॉक्स में मौजूद भारत के महान पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने अय्यर के इस कदम की दिल खोलकर तारीफ की. गावस्कर ने ऑन-एयर कहा कि विरोधी टीम के कप्तान को टीम फोटोग्राफ में शामिल करना वाकई अद्भुत है और यही चैंपियन फोटो इस खेल की असली पहचान है.
2018 में अजिंक्य रहाणे ने भी किया था ऐसा
श्रेयस अय्यर के इस दिलकश अंदाज ने जून 2018 के ऐतिहासिक बेंगलुरु टेस्ट की सुनहरी यादें ताजा कर दीं. 2018 में अफगानिस्तान की टीम भारत के खिलाफ एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में अपना ऐतिहासिक टेस्ट डेब्यू किया था. उस मुकाबले को भारत ने सिर्फ दो दिनों के अंदर एक पारी और 262 रनों के बड़े अंतर से जीत लिया था. मैच खत्म होने के बाद भारतीय कप्तान अजिंक्य रहाणे ने अफगानिस्तान के कप्तान असगर अफगान और उनकी पूरी टीम को भारतीय टीम के साथ ट्रॉफी शेयर करने और जीत के फ्रेम में शामिल होने के लिए बुलाया था. ठीक उसी अंदाज में, लगभग आठ साल बाद श्रेयस अय्यर ने भी उसी महान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इब्राहिम जादरान के साथ यह खास पल शेयर किया.










